संदीप कुमार वशिष्ठ
ग्राफीन: उभरते रुझान, संभावनाएं और चुनौतियां
पिछले दशक के दौरान ग्राफीन का इस्तेमाल कई तरह के अनुप्रयोगों में बड़े पैमाने पर किया गया है, क्योंकि इसके अनूठे गुणधर्मों में बड़ा सतह-से-आयतन अनुपात, अद्वितीय ऑप्टिकल गुणधर्म, उत्कृष्ट विद्युत चालकता, उच्च वाहक गतिशीलता, उच्च वाहक घनत्व, उच्च तापीय चालकता, कमरे के तापमान पर हॉल प्रभाव, उभयध्रुवीय क्षेत्र-प्रभाव विशेषताएँ, उच्च संकेत-से-शोर अनुपात और अत्यधिक उच्च यांत्रिक शक्ति शामिल हैं। यह एक छत्ते के क्रिस्टल जालक में घनीभूत रूप से पैक किए गए sp2-बंधित कार्बन परमाणुओं की एक दो-आयामी समतल शीट है। ग्रेफीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन रासायनिक वाष्प जमाव (CVD) और ग्रेफीन ऑक्साइड के रासायनिक या तापीय अपचयन द्वारा किया जाता है। ग्रेफीन के लिए कई रासायनिक संशोधन, जैव-आणविक स्थिरीकरण और नैनोकंपोजिट निर्माण रणनीतियाँ भी विकसित की गई हैं।